नई दिल्ली। दिल्ली में हाईकोर्ट के आदेश के बाद पेड़ों की कटाई पर रोक है। वहीं रानी बाग थाने के अंदर गैरकानूनी तरीके से पेड़ों की छंटाई और कटाई की जा रही। अवमानना याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है।
रानी बाग थाने के अंदर गैरकानूनी तरीके से पेड़ की छंटाई व काटने के विरुद्ध दायर अवमानना याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा की पीठ ने मामले पर बाहरी दिल्ली उपायुक्त, एसएचओ रानी बाग, जिला वन अधिकारी समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि एसएचओ रानी बाग और अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। इस पर पीठ ने उक्त कार्यवाही संबंधी रिकार्ड को पेश करने का आदेश देते हुए सुनवाई 28 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।
अदालत ने उक्त आदेश जनसेवा सोसाइटी द्वारा दायर याचिका पर दिया। याचिका में अधिकारियों के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की गई थी। कहा गया कि पेड़ों की कटाई व छंटाई पर रोक लगाने के संबंध में हाईकोर्ट ने 29 मई 2023 को आदेश पारित किया था। हालांकि, इसके बावजूद रानी बाग थाने में पेड़ों की कटाई की गई।