नई दिल्ली। 15 फरवरी को हुई भगदड़ के बाद रेलवे मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को पत्र लिखा है। इस पत्र में रेल मंत्रालय ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स से 15 फरवरी को दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई
भगदड़ से जुड़े सभी वीडियो और फोटो को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए कहा है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को भगदड़ में 18 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। रेलवे ने मामले में कार्रवाई करते हुए डीआरएम समेत पांच अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है। लेकिन इस बीच रेलवे ने ओर आदेश जारी कर दिया है। रेलवे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स को नोटिस जारी कर 288 वीडियो लिंक हटाने का निर्देश दिया है। इस नोटिस में कहा गया है कि, यह नैतिकता के साथ एक्स के कंटेट पॉलिसी के खिलाफ है। इस तरह के वीडियों सोशल मीडिया पर शेयर और वायरल होने से कानून की स्थिति खराब हो सकती है।
रेलवे के नोटिस आने के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स ने सभी मीडिया संस्थान को एक नोटिस भेजा है। एक्स ने मीडिया संस्थानों समेत वीडियों शेयर करने वालों को लिखा है कि, निम्नलिखित सामग्री भारत के स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करती है। हालांकि एक्स ने मंत्रालय की मांग को गैरकानूनी और यूसर्ज के अधिकारों का उल्लंघन बताया है। एक्स ने अपने नोटिस भी यह भी लिखा है कि एक्स किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह देने में सक्षम नहीं है। लेकिन अपने हितों की रक्षा के लिए यूजर्स कानूनी सलाह जैसे विकल्प तलाश सकते है।
दरअसल, 15 फरवरी को हुई भगदड़ के बाद रेलवे मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को पत्र लिखा है। इस पत्र में रेल मंत्रालय ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स से 15 फरवरी को दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से जुड़े सभी वीडियो और फोटो को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए कहा है। इसके पीछे मंत्रालय ने एथिकल नॉर्म्स का हवाला दिया है। रेलवे ने अपने पत्र में एथिकल नॉर्म्स और आईटी पॉलिसी का हवाला देते हुए एक्स से ऐसे वीडियो हटाने को कहा है, जिनमें डेड बॉडी और बेहोश यात्री दिख रहे हैं। मंत्रालय ने एक्स से करीब 250 ऐसे वीडियो हटाने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को उस वक्त भगदड़ मच गई थी, जब वहां महाकुंभ जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। तभी स्पेशल ट्रेनों के लेट होने और प्लेटफार्म बदलने की घोषणा के चलते स्टेशन पर भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 18 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 15 लोग घायल हुए थे। इस मामले की जांच के लिए रेलवे ने एक कमेटी भी बनाई है।