लंदन | विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लंदन में बुधवार को जी7 के विदेश और विकास मंत्रियों की बैठक में डिजिटल तरीके से हिस्सा लिया। उन्होंने बैठक में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद न रहने का निर्णय किया क्योंकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल दो सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।

मंत्री ने वीडियो लिंक के माध्यम से अन्य विदेश मंत्रियों के साथ चर्चा में हिस्सा लिया जो टीके के भंडार तक उचित पहुंच सुनिश्चित करने और कोवैक्स के तौर पर जानी जाने वाली वैश्विक टीका वितरण योजना के लिए सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी।

इसके साथ ही बुधवार को जी7 वार्ता के एजेंडे में मीडिया स्वतंत्रता, मनमाने ढंग से हिरासत में रखना और लड़कियों की शिक्षा शामिल था। अपने होटल के कक्ष से बैठक में शामिल होने की तस्वीर के साथ जयशंकर ने ट्वीट किया, जी7 के विदेश मंत्रियों की बैठक में साइबर भागीदारी। इतने दूर, फिर भी करीब। जी7 के सत्र के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जयशंकर से बात की और मंत्री ने उन्हें 2030 कार्ययोजना को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।

जयशंकर ने ट्वीट किया, जी7 सत्रों के बीच प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का संपर्क करना बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा, उन्हें आश्वस्त किया कि विदेश सचिव डोमिनिक राब और मैं 2030 कार्ययोजना को आगे बढ़ाएंगे। हमारे संबंधों को लेकर मोदी-जॉनसन नजरिए को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन ने डिजिटल माध्यम से आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान मंगलवार को 'रोडमैप 2030 को पेश किया था जो दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में ले जाने वाला है।

जयशंकर के साथ ब्रिटेन गये प्रतिनिधिमंडल के दो सदस्य कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। इस वजह से एहतियात के तौर पर विदेश मंत्री ने जी7 की बैठक समेत अपने शेष आधिकारिक कार्यक्रमों में डिजिटल तरीके से शामिल होने का फैसला किया। विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि भारतीय मंत्री के व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाने का उसे खेद है लेकिन सम्मेलन में “ऐसे मामलों के लिए ही सख्त कोविड नियम और दैनिक जांच लागू है। जी-7 समूह के देशों के विदेश मंत्रियों एवं विकास मंत्रियों की बैठक में बतौर अतिथि हिस्सा लेने के लिए ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब के आमंत्रण पर जयशंकर सोमवार को लंदन पहुंचे थे। ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका और ब्रिटेन के साथ ही यूरोपीय संघ है।