नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने जिस दिन अध्यक्ष चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान किया तो ऐसा लगा कि नामांकन के आखिरी दिन पता चल जाएगा कि आखिर कौन पार्टी की कमान संभालेगा। हालांकि, स्थिति इसके विपरीत हो गई। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के रेस से बाहर जाते ही इस चुनाव को लेकर सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। अभी तक दिग्विजय सिंह और शशि थरूर के बीच मुकाबला होने की संभावना है। हालांकि, आज और भी कई नाम सामने आ सकते हैं।


पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान किया है। दिग्विजय ने गुरुवार को केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचकर नामांकन पत्र के दस सेट लिए। नामांकन पत्र लेने के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह नामांकन पत्र लेने आए हैं। संभवत: शुक्रवार को नामांकन करूंगा। यह सवाल किए जाने पर क्या वह पार्टी नेतृत्व की तरफ से पर्चा भर रहे हैं? दिग्विजय सिंह ने इनकार करते हुए कहा कि इसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। यह पूछे जाने कि क्या वह यह सब संदेश देने के लिए कर रहे हैं तो सिंह ने कहा, आप लोग मुझे गंभीरता से क्यों नहीं लेते?

दोस्ताना मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए नामांकन लेने के बाद दिग्विजय सिंह ने शशि थरूर से मुलाकात की। थरूर भी शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे। इस मौके पर थरूर ने कहा कि वह अध्यक्ष पद के लिए दिग्विजय सिंह की उम्मीदवारी का स्वागत करते हैं। हम दोनों के बीच प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि दोस्ताना मुकाबला होगा। हम में से जिसकी भी जीत होगी, कांग्रेस की जीत होगी।


नए उम्मीदवार की संभावना
दिग्विजय सिंह के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला तय है। यह लड़ाई दिग्विजय सिंह और थरूर के बीच होगी। इस सबके बावजूद पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि अभी एक और उम्मीदवार पर्चा भर सकता है। संभावित उम्मीदवारों में मुकुल वासनिक, मल्लिकार्जुन खड़गे, सुशील कुमार शिंदे और अंबिका सोनी सहित कई पार्टी नेता शामिल बताए जा रहे हैं।

नामांकन का आखिरी दिन
अध्यक्ष पद के नामांकन का आज आखिरी दिन है। अभी तक किसी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया है। गुरुवार को दिग्विजय सिंह के अलावा झारखंड कांग्रेस नेता कृष्णानंद त्रिपाठी ने भी नामांकन पत्र लिया। त्रिपाठी भी शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। ऐसे में साफ है कि अध्यक्ष चुनाव के लिए सभी नामांकन आखिरी दिन जमा किए जाएंगे।


दिग्विजय की उम्मीदवारी का प्रस्ताव करेंगे मध्यप्रदेश के 12 कांग्रेस विधायक
मध्यप्रदेश कांग्रेस के कुल 12 विधायक दिग्विजय सिंह के कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के समय उनके लिए प्रस्तावक होंगे। पार्टी के एक नेता ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मध्यप्रदेश से कांग्रेस के विधायक हिना कावरे, जीतू पटवारी, पीसी शर्मा, लखन सिंह यादव, आलोक चतुर्वेदी, आरिफ मसूद, कांतिलाल भूरिया, रामलाल मालवीय, सुरेंद्र सिंह बघेल, विपिन वानखेड़े, कमलेश्वर पटेल और डॉ. गोविंद सिंह, दिग्विजय सिंह के नामांकन के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक गोविंद सिंह ने कहा कि उन्होंने इन विधायकों की सूची मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को भेज दी है।

कांग्रेस के असंतुष्ट गुट के नेताओं की बैठक
कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन का आखिरी दिन है। इस बीच गुरुवार रात असंतुष्ट गुट के नेताओं की बैठक हुई। पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा के घर पर हुई इस बैठक में मनीष तिवारी और पृथ्वीराज चव्हाण मौजूद थे। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद मनीष तिवारी ने कहा कि अभी तक किसी ने नामांकन नहीं भरा है। नामांकन दाखिल होने के बाद हम फैसला करेंगे।

झारखंड के पूर्व मंत्री कृष्णानंद त्रिपाठी कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और डालटनगंज (पलामू) के रहनेवाले कृष्णानंद त्रिपाठी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे। कृष्णानंद त्रिपाठी शुक्रवार को दिल्ली में नामांकन करेंगे। उन्होंने दिल्ली से फोन पर गुरुवार को यह जानकारी ‘हिन्दुस्तान’ को दी। उन्होंने यह भी कहा कि अध्यक्ष पद के चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी हाईकमान का जो आदेश होगा, उसका वह पालन करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए वह कितने गंभीर हैं और क्या पार्टी आलाकमान से इस संबंध में कोई बातचीत हुई है, यह पूछे जाने पर कृष्णानंद त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है। आंतरिक लोकतंत्र का यह तकाजा है कि एक किसान का बेटा और साधारण परिवार से आनेवाला व्यक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकता है। भारतीय जनता पार्टी में ऐसा संभव नहीं है।