मुंबई । धमकी मोड में रहने रहने वाले शिवसेना सांसद संजय राउत को भी खुली चुनौती मिल गई है। शिंदे समूह के समर्थक नेता ने राउत को बगैर सुरक्षा महाड इलाके में रैली करने की चुनौती दी है। खास बात है कि राउत पहले ही पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच की आंच का सामना कर रहे हैं। उन्हें 1 जुलाई यानी शुक्रवार को पेश होने के लिए कहा गया है।

शिंदे गुट के शिवसेना नेता विकास गोगावाले ने कहा, 'शिवसेना सेना संजय राउत ने कहा कि वे रायगढ़ के महाड में रैली करेंगे। मैं उन्हें महाड में बगैर सुरक्षा जवानों के महाड आने की चुनौती देता हूं। शिवसैनिक उन्होंने प्रसाद देने में कमी नहीं करेंगे।' मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राउत की तरफ से बागियों की दी गई चुनौती के जवाब में यह प्रतिक्रिया आई है। शिवसेना सांसद ने कहा था, 'कब तक छिपोगे गुवाहाटी में? कभी तो वापस आओगे चौपाटी में।'

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सियासी ड्रामे के बीच राउत लगातार उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का बचाव करते रहे हैं। उन्होंने बागी विधायकों पर धोखा देने के आरोप लगाए। साथ ही उन्हें 'जिंदा लाशें' भी कहा। इस दौरान उन्हें कई बार विधायकों को धमकाते हुए भी देखा गया। हाल ही में खबर आई थी कि शिवसेना समर्थकों ने पुणे में बागी विधायकों में शामिल तानाजी सावंत के दफ्तर में तोड़फोड़ की थी।

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अब कहा- 'अफसोस होगा'
भाषा के अनुसार, राउत ने गुरुवार को कहा कि बागियों ने स्वयं अपना रास्ता चुना है और उन्हें अपने फैसले पर ''अफसोस'' होगा। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि शिवसेना सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की जिसमें एक व्यक्ति उद्धव ठाकरे की तरह कुर्ता पैजामा में दिखाई दे रहा है और उसके पीठ पर बने जख्म से खून रिस रहा है। राउत ने साथ ही लिखा, ''एकदम ऐसा ही हुआ है।''