नई दिल्ली | तमिलनाडु के मदुरई के अवनीयापुरम में जल्लीकट्टू का खेल शुरू हो चुका है। इस प्रतियोगिता में 200 से अधिक बैल भाग ले रहे हैं।

वहीं कोविड-19 के मद्देनजर, राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि किसी कार्यक्रम में खिलाड़ियों की संख्या 150 से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही दर्शकों की संख्या सभा के 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए।

बता दें कि हर साल इस खूनी खेल में कई लोग बुरी तरह घायल होते हैं तो कई की जान भी जाती है। साल 2019 में इसी समय शुरू हुये पोंगल महोत्सव में राज्य के विभन्न हिस्से में आयोजित जलीकट्टू के दौरान यहां के निकट दिल का दौरा पड़ने के कारण एक दर्शक की मौत हो गई थी। इसके अलावा बैलों को काबू करने वाले 40 से अधिक व्यक्ति घायल हो गए थे।


उस समय समारोह में कुल 729 बैलों का इस्तेमाल किया गया था। समारोह देखने के लिए विदेश से भी पर्यटक आए थे। करीब 1500 पुलिसकर्मी सतर्कता बनाए हुये थे। तब पहली बार आयोजनस्थल पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के एक टीम को भी तैनात किया गया था। तमिलनाडु के मंत्री आरपी उदयकुमार ने समारोह का उद्घाटन किया। बैलों को काबू करने वाले और विजेता बैलों के मालिकों को लाखों रुपये का ईनाम दिया गया।