नई दिल्ली | पूरा उत्तर भारत बढ़ती ठंड का प्रकोप देख रहा है, पश्चिमोत्तर भारत के कई कस्बों और शहरों में बढती ठंड के साथ-साथ शहरों ने गुरुवार को वायु की खराब गुणवत्ता दर्ज कर दी।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, हवाएं धीमी होने की संभावना है और 14 जनवरी से 18 जनवरी तक वेंटिलेशन में काफी कमी आ सकती है जिससे वायु गुणवत्ता में और गिरावट होगी।

गुरुवार को हवा की गुणवत्ता खराब होने से संभावना है कि शुक्रवार को AQI गंभीर श्रेणी में पहुंच सकता है। दिल्ली ने आज 389 के वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ बहुत खराब हवा दर्ज की, जबकि गाजियाबाद, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा की हवा गंभीर श्रेणी में हैं।

इन इलाकों में शुष्क हवाएँ चलने के कारण अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिमी भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। अगले तीन दिनों के दौरान पंजाब और हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में कई दिनों तक कोल्ड डे / कोल्ड डे की स्थिति जारी रहने की संभावना है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शीत लहर / गंभीर शीत लहर की स्थिति की संभावना है; पूर्वी राजस्थान के कुथ इलाकों में ठंड के बढञने की बात कही गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, ठंडे दिन या गंभीर ठंड के दिन को दो मापदंडों के आधार पर बांटा जाता है- पहला न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे 4.5 डिग्री सेल्सियस या 6.4 डिग्री सेल्सियस। मैदानी इलाकों में शीत लहर तब होती है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे होता है या लगातार तापमान दो दिनों तक मौसम के सामान्य से 4.5 डिग्री कम होता है। मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से कम होने पर शीत लहर भी घोषित होती है।