नई दिल्ली। वेटरन्स डे पर सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि पिछले साल हमारे देश और सशस्त्र बलों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था। सशस्त्र बलों ने बड़ी कुशलता से उत्तरी सीमाओं पर बहादुरी से रहते हुए भी महामारी का मुकाबला किया।

मुझे गर्व है कि इसे पूरा करने में हमारे दिग्गजों का समर्थन था।

आगे उन्होंने कहा कि कुछ दिग्गजों ने निराशा व्यक्त की थी कि 1971 की लड़ाई के 50 साल के लिए ज्यादा महत्व नहीं दिया जा रहा है। मैं यह कहना चाहता हूं कि 1971 की युद्ध जीत को चिह्नित करने के लिए इस पूरे वर्ष को 'स्वर्ण विजय वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा। देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


इस मौके पर एयरफोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा कि वायु सेना जो कि 1932 में एक सहायक बल के रूप में सेवा देना शुरू की। हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं और आज हम एक घातक, शक्तिशाली एयरोस्पेस शक्ति के रूप में खड़े हैं। इस वेटरन्स डे पर मैं इस यात्रा में हमारे दिग्गजों के को सहयोग को सम्मान और गर्व के साथ स्वीकार करना चाहता हूं।

आपको बता दें कि इस मौके पर तीनों सेना के प्रमुखों ने संबोधित किया। नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ''सशस्त्र सेना के वेटरन्स डे के अवसर पर हमारे दिग्गजों से बात करने का अवसर मिलना मेरे लिए बहुत गर्व और सम्मान की बात है। मैं शुरू से ही देश के लिए अपनी सेवा देने वाले सभी दिग्गजों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि हम सभी जो यह वर्दी पहने हैं, आभार स्वीकार करते हैं कि आज हम जिस बहु-आयामी और विश्वसनीय बल के कारण हैं, वह हमारे दिग्गजों की दृष्टि और दृढ़ता के कारण है।