नई दिल्ली | राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो इन दिनों 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए अभ्यास कर रहे हैं। साथ ही वे ट्रेनिंग के अगले सत्र के लिए कमर कस रहे हैं।

राजपथ पर गणतंत्र दिवस पर एक शानदार मार्चिंग देने के लिए एनएसजी कमांडो कम से कम 5 घंटे पसीना बहा रहे हैं।

इस वर्ष आतंकवाद रोधी अभियानों को संभालने वाले भारत के NSG ने कोविड-19 स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार गणतंत्र दिवस परेड मेंबदलाव करने का निर्णय लिया है। एनएसजी कमांडो एक दूसरे से 1.5 मीटर से अधिक की दूरी के साथ मार्च करेंगे। इससे पहले वे राजपथ से कंधे से कंधा मिलाकर मार्च करते थे। कमांडो के बीच दूरी दूर से दिखाई देगी।

कमांडो की कुल संख्या के लगभग 40 प्रतिशत ही गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लेंगे। वरिष्ठ भारतीय सेना और अर्धसैनिक अधिकारियों के साथ कमांडो का एक दल हर दिन सुबह 5 बजे राजपथ पर पहुंचता है और सुबह 10 बजे तक अभ्यास करता है। एनएसजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएनआई को बताया "हम सुबह 5 बजे पहुंचते हैं और अपना अभ्यास शुरू करते हैं। यह हमारे लिए एक रूटीन है। इसमें बहुत अधिक अंतर नहीं है। राजपथ पर पहुँचने के बाद हम बार-बार अभ्यास करते हैं जब तक कि हमारी मार्चिंग परफेक्ट नहीं हो जाती। अधिकारी मार्चिंग परफेक्ट बनाने के लिए एक एक कमांडो पर नजर रख रहे हैं।

अधिकारी ने बताया- इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर, हमारे पास पिछले वर्ष की तुलना में अधिक वाहन होंगे। लोग विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वाहनों के साथ एक अलग नजारा देखेंगे।