श्रीनगर। कश्मीर घाटी में हाल ही में हिंदुओं और सिखों की हत्याओं को लेकर केंद्र शासित प्रदेश के एलजी मनोज सिन्हा ने कहा है कि 1990 जैसे हालात नहीं बनने दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने घाटी से अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के पलायन की बात से भी इनकार किया है। उन्होंने कहा कि हम कश्मीर में एक बार फिर से 1990 जैसे हालात नहीं पैदा होने देंगे और आतंकवाद की जड़ों को उखाड़ फेकेंगे।

द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में हालिया हत्याओं को घाटी में शांति भंग करने का एक हताश प्रयास करार दिया। उन्होंने कहा, 'स्थानीय आतंकवादी सीमा पार अपने आकाओं की मदद से विशेष रूप से अल्पसंख्यकों में भय मनोविकृति पैदा करने के लिए इस तरह के कदम उठा रहे हैं।आतंकी समूह 1990 जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं।'

उपराज्यपाल ने कहा कि वह केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि वह ऐसा नहीं होने देंगे। मनोज सिन्हा ने कहा, “मैंने अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है और उन्हें अपनी सुरक्षा मजबूत करने का आश्वासन दिया है।'' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद सोमवार को दिल्ली से लौटे सिन्हा ने कहा, अल्पसंख्यकों की रक्षा करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कल से सुरक्षा बलों द्वारा कश्मीर में ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। एलजी ने कहा, "चाहे वह आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो या अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को दंडित करना हो, हम इस पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने के लिए जो कुछ भी कर सकते, हम करेंगे।"

पलायन की खबरों को बताया अफवाह, कहा- अब भी यहीं हैं लोग
हत्याओं के कारण कश्मीर छोड़ दूसरे जगह चले गए कश्मीरी पंडित परिवारों की संख्या के बारे में सिन्हा ने कहा कि इसे पलायन नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा, “उनमें से अधिकांश अभी भी यहां हैं और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। सोशल मीडिया के अफवाहों ने इन आशंकाओं को बढ़ा दिया है। जो प्रचारित किया जा रहा है उससे वास्तविकता बहुत दूर है।''