नई दिल्ली । भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में लंबित मुद्दों को तेजी से हल करने पर सहमति जताई है। भारत-चीन के शीर्ष सैन्य कमांडरों के बीच शनिवार को हुई 12वें दौर की वार्ता को लेकर सेना ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी किया है। इसमें बातचीत को सकारात्मक बताया गया है। हालांकि इसके किसी नतीजे पर पहुंचने का जिक्र नहीं है। जिससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि एलएसी पर गतिरोध अभी कायम है तथा बैठकों का दौर आगे जारी रहेगा।

करीब नौ घंटे चली भारत-चीन सैन्य वार्ता के दो दिन बाद जारी बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास भारत-चीन सीमा क्षेत्र के पश्चिमी सेक्टर से सैनिकों की वापसी के संबंध में स्पष्ट एवं गहन विचार साझा किए गए हैं।


दोनों पक्षों ने बैठक के इस दौर को रचनात्मक करार दिया जिसने पारस्परिक समझ को और बढ़ाया। वे बाकी बचे मुद्दों को वर्तमान समझौतों एवं प्रोटोकॉल के अनुसार त्वरित आधार पर हल करने को लेकर सहमत हुए। साथ ही बातचीत एवं वार्ता की गति बरकरार रखने पर भी सहमति जताई गई। दोनों पक्ष एलएसी पर स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रभावी प्रयासों को जारी रखने को लेकर भी सहमत हुए।

चार महीने के अंतराल के बाद हुई थी बैठक

यह बैठक करीब चार महीने के अंतराल के बाद हुई है। भारत की तरफ से बार-बार कोशिश की जा रही थी लेकिन चीन बैठक को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं दिखा रहा था। लेकिन इस बीच विगत 14 जुलाई को भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की एससीओ मीटिंग के दौरान मुलाकात के बाद बैठक का रास्ता साफ हुआ। इससे पूर्व 25 जून को दोनों देशों के बीच बने ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक हुई थी।