नई दिल्ली | सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में 270 किलोमीटर लंबी टनल बनाने की योजना है। इसमें 135 किलोमीटर की डीपीआर बनाई जा रही है, उनका निर्माण कार्य 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

टनल निर्माण के जरिये देश के बॉर्डर तक सालभर रोड कनेक्टिविटी बनी रहेगी, वाहनों की रफ्तार बढ़ने से यात्रा का समय कम होगा और सफर सुरक्षित बनेगा।

नितिन गडकरी ने यह बात बुधवार को रोड टनल के अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में कही। टनल क्षेत्र में हाल के रुझान, नवाचार और आगे के उपाय विषय पर आयोजित वेबिनार में अंतरराष्ट्रीय टनल संगठन व उनके विशेषज्ञों ने शिरकत की। गडकरी ने कहा, टनल निर्माण क्षेत्र में भारत विश्व में अग्रणी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। लेकिन टनल निर्माण में बड़ी लागत सबसे बड़ी चुनौती है। इसके चलते टनल परियोजनाओं में अत्यधिक निवेश करना पड़ रहा है। सिर्फ टोल टैक्स लागू कर निर्माण कंपनियां निवेश किए गए धन की वापसी नहीं कर सकती हैं। इसलिए सरकार योजना बना रही है कि टनल के पास स्मार्ट सिटी, पर्यटक स्थल आदि विकसित कर परियोजना को व्यवहार्य बनाया जाए। भारत में टनल निर्माण क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

आधुनिक तकनीक से लागत कम करने पर काम हो
गडकरी ने अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञों से कहा कि टनल क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नवाचार, मशीनें आदि के जरिये निर्माण की लागत कम करने का मार्ग प्रशस्त करें। क्योंकि हिमालय में ईको सेंसिटिव जोन, वन एवं पर्यावरण आदि के कारण टनल निर्माण का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण है।

पिछले वर्ष विश्व की 50 फीसदी सुरंग सिर्फ चीन में बनी
वर्ल्ड रोड एसोसिएशन के अनुसार, विश्व में गत वर्ष 5000 किलोमीटर लंबी सुरंगों का निर्माण किया गया। इसमें से 50% टनल चीन में बनाई गई हैं। इसके अलावा एशिया, यूरोप आदि देशों में टनल का बड़ा बाजार उपलब्ध है। भारत में जनसंख्या अधिक होने के कारण सड़कों पर कंजेशन की स्थिति रहती है, इसलिए भारत में अधिक चौड़ी और ऊंची टनल बनाने की जरूरत है।