नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के कुछ दिनों के बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने अपनी ही पार्टी को नसीहत दी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने अंदर झांकना चाहिए, क्योंकि बंगाल में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली और असम के साथ-साथ केरल में भी पार्टी विफल रही।

सिब्बल ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। यह असम और केरेल में विफल रही। पार्टी पश्चिम बंगाल में एक भी सीट सुरक्षित नहीं कर सकी।" उन्होंने कहा, "अब जब पार्टी की ओर से आवाज उठाई जा रही है, तो इस मामले पर गौर किया जाना चाहिए।"

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि वह कांग्रेस के प्रदर्शन के मुद्दे पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे और उचित समय पर इस मुद्दे पर बात करेंगे। उन्होंने कहा, "हम अपने विचार पेश करेंगे। आज सभी दलों के सभी लोगों को COVID-19 के बीच लोगों के जीवन को बचाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।"

देश में COVID-19 स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पीएम को यह कहना चाहिए कि हम महामारी के खिलाफ इस संघर्ष को जीतेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव अलग बात है लेकिन यह जीवन और मृत्यु की लड़ाई है।

कपिल सिब्बल, जो कांग्रेस में विद्रोही जी-23 गुट का हिस्सा थे, जिन्होंने पिछले साल अगस्त में सोनिया गांधी को एक पत्र में संगठनात्मक सुधार के लिए कहा था, ने पांच राज्यों में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन को लेकर चिंता जाहिर की है। हालांकि उन्होंने कोरोना महामारी से निपटने को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने और जी -23 के अन्य नेताओं जैसे मनीष तिवारी, गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए बधाई दी है।

जब सवाल किया गया कि कांग्रेस के नेता ममता बनर्जी को "झांसी की रानी" क्यों कह रहे हैं? तो उन्होंने कहा, "जब पीएम 2019 का लोकसभा चुनाव जीते थे, तो तो मैंने उन्हें बधाई दी थी। उन्हें झांसी की रानी नहीं कहा जा सकता था। वह गोलियाथ थे। हमें जीतने वाले नेताओं को बधाई देनी चाहिए। केंद्र ने जीत के लिए सब कुछ किया और चुनाव आयोग ने मदद की। इसके बावजूद, अगर ममता बनर्जी दो तिहाई बहुमत से चुनाव जीतती हैं तो तो उन्हें झांसी की रानी कहा जाना चाहिए।"

आपको बता दें कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अभी-अभी संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में 213 सीटें जीतीं। भारतीय जनता पार्टी ने 294 सीटों वाली राज्य विधानसभा में 77 सीटों पर कब्जा जमाया है। कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन का खाता तक नहीं खुला है।