जम्मू। भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि गलती से नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर भारत की तरफ चले आए शख्स को मानवीय आधार पर बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) वापस भेज दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना ने गुलाम कादिर को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पुंछ-रावलकोट पार केंद्र पर पीओके में अधिकारियों को सौंप दिया।

अधिकारियों ने कहा कि पीओके के निकिअल इलाके के घिम गांव के निवासी कादिर को नियंत्रण रेखा पर बने पार बिंदु (क्रॉसिंग प्वॉइंट) पर बृहस्पतिवार को 11 बजकर 55 मिनट पर अधिकारियों को सौंपा गया।

उन्होंने बताया कि गलती से 11 अप्रैल को भारत में घुस आए कादिर को मानवीय आधार पर वापस भेजा गया।

आपको बता दें कि भारत ने कई मौकों पर दरियादिली की मिशाल पेश की है, लेकिन पाकिस्तान का रवैया ठीक नहीं रहा है। इससे पहले हाल ही में बाड़मेर में आठ साल के एक पाकिस्तानी बच्चा अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर भारत में प्रवेश कर गया। बॉर्डर की निगरानी कर रहे बीएसएफ के जवानों ने तुरंत उसे पाकिस्तान को वापस सौंप दिया।

बीएसएफ गुजरात फ्रंटियर में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल एमएल गर्ग ने इसकी पुष्टि की थी। शआम 5.20 बजे एक 8 वर्षीय बच्चा अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर बीएसएफ की 83 वीं बटालियन के BoP सोमरत के बॉर्डर पिलर नंबर 888/2-S के पास भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था।

जब बीएसएफ के जवानों ने उन्हें पकड़ा तो वह डर गया और रोने लगा। बीएसएफ जवान ने उसे शांत करने की कोशिश की और उसे खाने के लिए कुछर चॉकलेट दिए। बीएसएफ के अनुसार, बच्चे की पहचान पाकिस्तान के नगर पारकर के रहने वाले यमनू खान के बेटे करीम के रूप में हुई। पाक रेंजरों के साथ एक फ्लैग मीटिंग बुलाई और उन्हें नाबालिग के पार होने की जानकारी दी गई। इसके बाद करीब 7.15 बजे बच्चे को वापस पाकिस्तानी रेंजर्स को सौंप दिया गया।