भुवनेश्वर | कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ओडिशा के 10 जिलों में वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया है। जिन 10 जिलों में वीकेंड लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया गया है वे सभी छत्तीसगढ़ बॉर्डर से सटे हुए हैं।

इसके साथ-साथ 17 अप्रैल से ओडिशा सरकार ने सभी शहरी क्षेत्रों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया है।

बता दें कि देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस को काबू करने के लिए पाबंदियां लगाई गईं हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्य नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन लगा चुके हैं। महाराष्ट्र में तो एक तरह से मिनी लॉकडाउन लगाया है। महाराष्ट्र सरकार ने लोगों से कहा जब कोई जरूरी काम हो तभी वो घर से बाहर निकलें।

इन जिलों में लगा वीकेंड लॉकडाउन
मुख्य सचिव सुरेश महापात्र ने कहा कि सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, बरगढ़, बलांगीर, नुआपाड़ा, कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 17 अप्रैल से वीकेंड लॉकडाउन के साथ-साथ नाइट कर्फ्यू रहेगा। इन 10 जिलों में राज्य के 13784 सक्रिय मामलों में 51 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी है। जबकि छत्तीसगढ़ के करीब 10 जिलों में रात का कर्फ्यू शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे के बीच होगा, बाकी राज्यों के लिए यह समय 9 बजे से सुबह 5 बजे तक है।

सभी प्रकार के कार्यक्रमों पर रोक
ओडिशा सरकार ने कहा है कि लोगों के आवागमन को प्रतिबंधित करने के लिए नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। राज्य के बाहर और भीतर आने वाले वाहनों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। सरकार ने कहा कि शुक्रवार से अगले आदेश तक ओडिशा में किसी भी धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और राजनीतिक सभा या जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार ने कहा है कि 19 अप्रैल से अंतरराज्यीय बस संचालन को भी निलंबित कर दिया जाएगा। वहीं, राज्य के भीतर सवारी क्षमता के हिसाब से ही बसों के संचालन को अनुमति दी जाएगी। वहीं, ऑटों और टैक्सी में केवल दो यात्रियों को सफर करने की अनुमति दी जाएगी। सरकारी कार्यालय 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करेंगे।

केरल में भी प्रतिबंध कड़े
वहीं, केरल सरकार ने भी अपने यहां प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। केरल के मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में सभी समारोहों के लिए पूर्व अनुमति जरूरत होगी और अधिकारी उन पर सख्ती रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के बड़े मॉल में खरीदारी करने जाने वालों के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट या फिर टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य होगा। बता दें कि केरल सरकार ने पिछले एक सप्ताह में दूसरी बार पाबंदियों को और कड़ा किया है।