नई दिल्ली | विदेशों में निर्मित कोरोना टीकों को आवेदन के तीन दिन के भीतर देश में आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी जाएगी। केंद्र सरकार ने गुरुवार को टीकों की मंजूरी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय औषधि प्राधिकरण (सीडीएससीओ) आपात स्थिति में सीमित इस्तेमाल के वास्ते मंजूरी के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्रों (कोविड-19 रोधी टीका के मामले में उत्पाद और उसके पंजीकरण, निर्माण स्थल) और आयात लाइसेंस के लिए आवेदन दिए जाने से तीन कामकाजी दिन के भीतर इस पर विचार करेगा।

इसके साथ ही टीकों को आपात मंजूरी के साथ ही क्लिनिकल ट्रायल के लिए भी आवेदन करना होगा। सीडीएससीओ इसके लिए सात दिनों के भीतर मंजूरी प्रदान करेगा। संबंधित कंपनी को परीक्षण के नतीजे सीडीएससीओ के सामने दिखाने होंगे।

दिशा-निर्देश में यह भी कहा गया है कि विदेशी टीकों का इस्तेमाल देश में कोरोना टीकाकरण के नियमों के अनुरूप ही होगा। यानी वह 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही लगाए जा सकेंगे। सरकार ने 13 अप्रैल को ऐलान किया था कि विदेशों में निर्मित उन टीकों बिना क्लिनिकल ट्रायल के देश में मंजूरी मिलेगी जिन्हें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और जापान के दवा नियामकों से मंजूरी मिली हुई है या जो डब्ल्यूएचओ की आपात इस्तेमाल की सूची में शामिल हैं। ऐसे टीकों को पहले 100 लोगों पर इस्तेमाल के बाद सात दिन तक निगरानी की जाएगी और सही नतीजों के बाद ही टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
टीके की उपलब्धता बढ़ेगी::

मंत्रालय ने कहा कि इस फैसले से भारत में विदेशी टीकों की पहुंच हो सकेगी और थोक में दवा सामग्री को लेकर आयात तथा टीका निर्माण क्षमता को प्रोत्साहन मिलेगा और देश के भीतर टीके की उपलब्धता बढ़ेगी। यह कदम देश में टीकों की उपलब्धता बढ़ाने और मंजूरी प्रक्रिया को तीव्र करने के लिए उठाया गया है। दरअसल, क्लिनिकल ट्रायल करने में महीनों लग जाते हैं।