नई दिल्ली । बढ़ती महंगाई और रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग का असर भारत की जीडीपी पर पड़ने की आशंका है। तमाम रेटिंग एजेंसियों के जीडीपी ग्रोथ अनुमान भी इस बात के संकेत दे रहे हैं। इसी कड़ी में वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने भारत की वृद्धि के अनुमान को 7.8 फीसदी से घटाकर 7.3 फीसदी कर दिया है। दरअसल, पिछले वर्ष दिसंबर में इस रेटिंग एजेंसी ने 2022-23 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.8 फीसदी लगाया था।

अब इसे चालू वित्त वर्ष (2022-23) में घटाकर 7.3 फीसदी कर दिया गया है। वहीं, अगले वित्त वर्ष के लिए 6.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान जताया गया है।

एसएंडपी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 6.9 फीसदी रह सकती है। एसएंडपी के मुताबिक रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लंबा खिंचने की आशंका है जिससे जोखिम बढ़ा है।


किसका क्या अनुमान: विश्व बैंक ने अप्रैल में भारत की जीडीपी का पूर्वानुमान 8.7 फीसदी से घटाकर 8 फीसदी कर दिया था जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 9 फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी और एशियाई विकास बैंक ने 7.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान जताया था। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले महीने वृद्धि पूर्वानुमान 7.8 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया था।