नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार को कहा कि मुझे खुशी है कि 16 तारीख से दिल्ली में वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। सबसे पहले कोरोना वॉरियर्स को वैक्सीन लगेगी।

मैं अपील करता हूं कि इसके बारे में भ्रांतियां न फैलाएं। केंद्र सरकार और वैज्ञानिकों ने सभी प्रोटोकॉल फॉलो कर ये दवाई तैयार की है, इसलिए इस पर कोई शंका नहीं होनी चाहिए।

केजरीवाल ने कहा कि मैंने केंद्र सरकार से अपील की थी कि पूरे देश में सभी लोगों को मुफ्त में वैक्सीन दी जाए। हम देखते हैं कि वो इस पर क्या फैसला लेते हैं? अगर केंद्र सरकार मुफ्त में वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराती है तो जरूरत पड़ने पर हम लोग दिल्ली के लिए ये वैक्सीन मुफ्त में उपलब्ध करवाएंगे।

 

मुख्यमंत्री ने आज COVID-19 ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले डॉ. हितेश गुप्ता के घर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हमने कोरोना वॉरियर्स को प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना शुरू की थी और इसके तहत मैं आज डॉ. हितेश गुप्ता के परिवार को 1 करोड़ रुपये की मदद देने आया हूं। केजरीवाल ने कहा कि डॉ. गुप्ता की पत्नी शिक्षित हैं और हम उन्हें दिल्ली सरकार में भर्ती करेंगे।

वैक्सीन की पहली खेप दिल्ली के केंद्रीय भंडारण केंद्र पहुंची

इस बीच, कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खेप दिल्ली के केंद्रीय भंडारण केंद्र राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) में मंगलवार दोपहर को पहुंच गई है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में लगभग तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों के लिए टीकाकरण अभियान के पहले चरण के लिए कई सरकारी और निजी अस्पतालों समेत 89 केंद्रों को चुना है। टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू होगा।

टीके की इस खेप को लेकर सुबह करीब दस बजे स्पाइसजेट की उड़ान दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरी थी। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार के सबसे बड़े कोविड-19 अस्पताल तक उसे सुरक्षित ढंग से पहुंचाने में सहयोग के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' (निर्बाध मार्ग) कायम किया। चार दिन बाद देशभर में कोरोना वायरस के विरुद्ध टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है। आरजीएसएसएच में टीके के भंडारण के लिए समुचित व्यवस्था की गई है।

डीसीपी (इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) राजीव रंजन ने बताया कि भंडारण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस नियंत्रण कक्ष की गाड़ियां अपनी गश्त योजना के तहत उसके आसपास भी चक्कर लगाएंगी। डीसीपी (शाहदरा) अमित शर्मा ने कहा कि हमने राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के भंडारण क्षेत्र में कर्मी तैनात किए हैं।

पहले अधिकारियों ने बताया था कि कोविशील्ड की 2.54 लाख से अधिक खुराक आरजीएसएसएच पहुंचाई जाएंगी। इस टीके को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय एवं ब्रिटिश स्वीडिश कंपनी आस्ट्रेजेनेका ने विकसित किया है और उसका उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''आरजीएसएसएच के भंडारण केंद्र में टीके की करीब 50000 शीशियां रखी जा सकती हैं और उसे तापमान नियंत्रित माहौल में रखने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। वहां से ये टीके कड़ी सुरक्षा में विशेष वाहनों से टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचाए जाएंगे।''