नई दिल्ली । दिल्ली मेट्रो के सबसे पहले कॉरिडोर पर चलने वाली सबसे पुरानी 70 ट्रेन को अपग्रेड करने के साथ उसमें बदलाव की शुरुआत कर दी गई है। सोमवार को डीएमआरसी ने उसमें से पहली ट्रेन को नए रूप में पेश किया। इस ट्रेन में अब नई ट्रेन की तरह मोबाइल, लैपटॉप चार्जिंग प्वॉइंट, सीसीटीवी कैमरा और रूट मैप और मेट्रो की स्थिति जानने के लिए एलसीडी डिस्प्ले भी मिलेगा।

डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने सोमवार को नवीनीकरण की गई पहली ट्रेन का अनावरण किया। पहले चरण में 10 ट्रेनों में यह नवीनीकरण सितंबर 2022 तक कर लिया जाएगा।

दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया कि जिन ट्रेन का कायाकल्प किया जा रहा है वह वह 14 से 19 साल की उम्र पूरी कर चुकी हैं। यह सभी ट्रेन 2007 से 2009 के बीच आई हैं। इसलिए हमने इसे मिड टर्म रिफर्बिशमेंट (आधी उम्र में नवीनीकरण करना) नाम दिया है। उन्होंने कहा कि मेट्रो के पास 70 ट्रेन हैं जो कि आधुनिक ट्रेन की तुलना में कई सुविधाओं से वंचित हैं। जैसे सीसीटीवी कैमरा न होना, फायर डिटेक्शन यंत्र नहीं लगा होना। स्टीकर वाले डिस्प्ले लगे होना। अब कायाकल्प करने में हमनें इन सभी चीजों को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि पहली ट्रेन को पूरा करने में दो महीने का समय लगा है। इसमें 40 से 45 लाख रुपये का खर्च आया है, मगर आगे एक ट्रेन में एक माह का ही समय लगेगा।

चरणबद्ध ढंग से पूरा होगा काम
अनुज दयाल ने कहा कि एक ट्रेन की परिचालन आयु 30 साल की होती है। एक ट्रेन रोजाना 15 से 16 घंटे परिचालन में रहती है। एक दिन में 400 किलोमीटर से अधिक चलती है। हम जिन 70 ट्रेन का कायाकल्प करने की तैयारी कर रहे हैं उन्हें आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आरामदायक, सुविधायुक्त और सुरक्षित सफर करा सकें। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो के इतिहास में पहली बार यह प्रयोग किया गया है। पहले चरण में मेट्रो कोच के मिड लाइफ रिफर्बिशमेंट के बाद बाकी 60 के लिए काम शुरू करेंगे। हमने बाकी 60 ट्रेन के लिए निविदा भी जारी कर दी है। चरणबद्ध तरीके से मेट्रो ट्रेन के नवीनीकरण का काम पूरा किया जाएगा।



पुरानी ट्रेन में अब ये नया दिखेगा

कैमरा
मेट्रो ट्रेन के अंदर और बाहर कुल 41 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पहले कॉरिडोर के लिए आई 70 ट्रेन के अंदर और बाहर पहले कैमरे नहीं थे। अब उन कैमरे की लाइव फुटेज सीधे चालक देख सकेगा। यही नहीं, चालक साइड को सामने ट्रैक और पेटोग्राफ पर नजर रखने के लिए भी कैमरे लगाए गए हैं। वह चाहे तो लाइव फुटेज देख पाएगा।

मोबाइल, लैपटॉप चार्जिंग प्वॉइंट
मेट्रो के पहली 70 ट्रेन में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग के प्वॉइंट नहीं थे। अब ट्रेन के कोच में इसकी भी व्यवस्था की गई है। नई ट्रेन से में यह शुरुआत से लगे हैं। इसके लिए मेट्रो के इलेक्ट्रिक पैनल भी बदले गए हैं।


फायर डिटेक्शन डिवाइस
डीएमआरसी ने मेट्रो के अंदर आग जैसी घटनाओं को समय से पकड़ने के लिए आग रोधी यंत्र (फायर डिटेक्शन डिवाइस) भी लगाया है। पहले पुरानी 70 ट्रेन में इस यंत्र की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। हर कोच में इस यंत्र को लगाया गया है।

एलसीडी पैनल
रेड लाइन पर चलने वाली ज्यादातर ट्रेन में सिर्फ स्टीकर वाले रूट मैप होते थे। नए कॉरिडोर बढ़ने से दिक्कत हो रही थी। अब इन पुरानी ट्रेन में रूट मैप का एलसीडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाया गया है। यही नहीं, नई ट्रेन की तरह उसमें ट्रेन कहां है वह भी दिखाई देगा।

पूरी ट्रेन का रंग रोगन
चार बड़े बदलावों के साथ पूरी ट्रेन का रंग रोगन किया गया है। अंदर पूरी फ्लोर मैट को भी बदला गया है जो कि जगह-जगह से फट गया था। इसके अलावा सीटों की भी रंगाई कराने के साथ जो भी दिखने में खराब लग रहा था, उसे बदला गया है।