नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो ऑनलाइन परीक्षाओं में सिस्टम हैक कर प्रतिभागियों को पास कराता था। पुलिस ने पिता-पुत्र समेत गिरोह के तीन जालसाजों को दिल्ली और गुजरात से गिरफ्तार किया है। गैंग का एक जालसाज छात्र के बदले खुद परीक्षा में बैठता था और सिस्टम में विभिन्न एप इंस्टॉल कर देता था। इसके बाद गिरोह का दूसरा सदस्य सिस्टम को रिमोट पर लेकर पेपर सॉल्व कर देता था।

अब तक जांच में पता चला है कि गिरोह अलग-अलग परीक्षाएं उत्तीर्ण कराने के नाम पर 200 प्रतियोगियों से संपर्क कर चुका था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय दीप शाह, दीप के पिता 45 वर्षीय राजेश शाह और 29 वर्षीय अखलाक आलम के रूप में हुई है। गिरोह अहमदाबाद से संचालित हो रहा था। आरोपी पिता-पुत्र अहमदाबाद में कोचिंग संस्थान चलाते थे, जबकि दिल्ली का रहने वाला अखलाक नोएडा में एक संस्थान चलाता था। अखलाक ही सिस्टम को हैक करने का काम करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और तीन लैपटॉप बरामद किए हैं।

डार्क नेट से लगा सुराग
डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि उनकी टीम को डार्क नेट व अन्य दूसरे माध्यमों से पता चला कि कुछ जालसाज प्रतियोगी समेत इन-हाउस प्रोन्नति के लिए होने वाली अलग-अलग स्तर की परीक्षाओं में सिस्टम हैक कर उम्मीदवारों को पास करवाते हैं। जालसाज इसके बदले में मुंहमांगी कीमत वसूल रहे हैं।


प्रतिभागी बन हैकर से संपर्क किया
डीसीपी के मुताबिक, डार्कनेट पर मिले नंबर के आधार पर पुलिस ने इंटरनेट कॉल कर हैकर से संपर्क किया। इसके बाद हैकर से आईटी इंडस्ट्री में तकनीकी दक्षता के लिए होने वाली ए प्लस सर्टिफिकेट की कोर-1 परीक्षा को पास करवाने के लिए कहा गया। हैकर ने जितने रुपयों की मांग की, उतनी रकम उसके बैंक खाते में भेज दी गई। हैकर से परीक्षा में 736 स्कोर दिलाने को कहा गया। हैकर की तरफ से 25 अक्तूबर को परीक्षा में छात्र की जगह गैंग के सदस्य को बैठाया गया। हैकर ने उससे कुछ सॉफ्टवेयर लोड करवाए और सिस्टम का एक्सेस ले लिया। इसके बाद हैकर ने खुद पेपर सॉल्व कर दिए। परीक्षा में छात्र को जितना स्कोर दिलाने की मांग की गई थी, उसे उतने स्कोर 736 मिले।


शाहीनबाग से हुई तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी
डीसीपी के अनुसार, हैकर द्वारा सिस्टम हैक कर परीक्षा में स्कोर दिलाने के बाद साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद सिस्टम की जांच कर उसमें मिले सॉफ्टवेयर, बैंक खाते व टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। तकनीकी विवरण जुटाने के बाद पुलिस की एक टीम को गुजरात रवाना किया गया, जहां से गत 24 नवंबर को गुजरात निवासी दीप शाह को गिरफ्तार कर लिया गया। अगले दिन उसके पिता राजेश शाह को भी गुजरात के अहमदाबाद से दबोचा गया। पूछताछ के बाद इनकी निशानदेही पर दिल्ली के शाहीनबाग से तीसरे आरोपी मोहम्मद अखलाक आलम को गिरफ्तार किया गया।