नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली की प्रसाद नगर पुलिस ने झपटमारी की 250 वारदात में शामिल दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर मकोका भी लगाया जा चुका है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से मध्य जिले में हुई झपटमारी की दो दर्जन से अधिक वारदात के खुलासे का दावा किया है। डीसीपी श्वेता चौहान ने बताया कि रविवार रात को गंगा मंदिर मार्ग पर एसआई गुलशन व अन्य पुलिसकर्मी गश्त कर रहे थे।

इस दौरान हेडकांस्टेबल रोहतास को सूचना मिली कि बाइक सवार दो कुख्यात झपटमार आने वाले हैं। इस सूचना के बाद पिकेट पर जांच तेज कर कर दी गई। तभी दो युवक बाइक से आते हुए दिखाई दिए। वे पुलिस टीम को देखकर बाइक से भागने लगे। एसआई गुलशन एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया। इस दौरान आरोपियों की बाइक डिवाइडर से टकरा गई। पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उनकी पहचान विक्रम और संदीप के तौर पर हुई।

पैरोल पर छूटे थे
आरोपी विक्रम पर 100 और संदीप पर 150 झपटमारी की वारदात की एफआईआर दर्ज है। दोनों पर सुल्तानपुरी थाने में मकोका का मामला दर्ज है। इन्होंने एक साल के भीतर मध्य जिला में दो दर्जन से अधिक झपटमारी की वारदात की हैं। आरोपियों के कब्जे से मिली बाइक भी चोरी की निकली। वहीं, पिस्टल मेरठ से खरीदी गई थी। दोनों चचेरे भाई जेल से पैरोल पर छूटकर अपराध कर रहे थे।

चोरी के 64 मोबाइल के साथ आरोपी पकड़ा, 22 मामले सुलझे
यमुनापार के पूर्वी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने चोरी के मोबाइल बेचने वाले एक शख्स को गिरफ्तार कर उससे चोरी, झपटमारी, लूट के 64 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसकी गिरफ्तारी से पुलिस ने 22 केस सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी इश्तियाक हरियाणा के नूंह का रहने वाला है।

डीसीपी प्रियंका कश्यप ने बताया कि जिले में सुदर्शन नाम से अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत झपटमारी की वारदात पर अंकुश लगाने के लिए स्पेशल स्टाफ की एक टीम बनाई गई है। इस टीम को सूचना मिली कि इश्तियाक नूंह से आकर दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी व झपटमारी के मोबाइल खरीदता है। पता चला कि वह आनंद विहार बस अड्डे के पास आने वाला है। सूचना के आधार पर जाल बिछाकर उसे दबोच लिया गया। जांच में पुलिस को पता चला आरोपी दिल्ली के रिसीवरों से फोन खरीदकर राजस्थान व अन्य राज्यों में महंगी कीमत पर बेच देता था।