नई दिल्ली । केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली समेत नौ राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में विशेषज्ञों के दल भेजे हैं, जहां डेंगू के अधिक मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इन दलों को राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों को प्रभावी जन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में सहायता तथा सहयोग करने का काम सौंपा गया है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा दिल्ली में डेंगू की स्थिति की समीक्षा बैठक में जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप यह कदम उठाया गया। इन राज्यों में हरियाणा, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। बयान में कहा गया कि मंडाविया ने मंत्रालय को उन राज्यों की मदद करने का निर्देश दिया था, जहां डेंगू के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। देश में डेंगू के अभी तक 116991 मामले सामने आ आए हैं।

मंत्रालय के अनुसार कुछ राज्यों में अक्टूबर में डेंगू के मामले पिछले साल इसी अवधि में सामने आए मामलों से काफी अधिक हैं। 15 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। 31 अक्टूबर तक देश में सामने आए कुल मामलों में 86 प्रतिशत इन्हीं राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों से थे।

स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी देंगे
मंत्रालय के बयान के अनुसार, इन दलों को राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों को प्रभावी जन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में सहायता तथा सहयोग करने का काम सौंपा गया है। उन्हें मच्छर जनित रोग की स्थिति, किट तथा दवाइयों की उपलब्धता, बीमारी को नियंत्रित करने के लिए उठाए कदमों आदि पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

अक्टूबर में अधिक मामले सामने आ रहे
बयान में बताया गया कि केन्द्र के इन दलों में, मच्छर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी), राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) और क्षेत्रीय कार्यालयों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इन्हें उन राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों में भेजा गया है, जहां सितंबर की तुलना में अक्टूबर में डेंगू के अधिक मामले आए थे।