नई दिल्ली । कालकाजी मंदिर के पुजारी नवरात्र तक श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह को नहीं खोल सकेंगे। सुबह की आरती के बाद से शाम की आरती तक गर्भगृह बाहर से बंद रखा जाएगा। इसी तरह शाम की आरती के बाद से सुबह की आरती तक भी गर्भगृह बंद रहेगा। नियम को लेकर पुजारियों में रोष है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होने के चलते प्रशासक द्वारा यह कदम उठाया गया है।

इस संबंध में सार्वजनिक सूचना भी जारी की गई है। सूचना के अनुसार पुजारियों द्वारा अंदर गर्भगृह में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा था। जबकि दर्शन केवल परिक्रमा के जरिए करने की इजाजत थी। कालकाजी मंदिर के पुजारी दीपक भाद्वाज ने बताया कि यह नियम लागू करके पुजारी के अधिकारों को छीना जा रहा है। आरती से लेकर भोग लगाने से सहित पूजा से जुड़े कई दूसरे कार्य गर्भगृह में होते है। हम मंदिर की बेहतरी के लिए प्रशासक का सहयोग भी कर रहे है। लेकिन पुजारियों से सेवा का अधिकार न छीना जाए।

मंदिर के महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने बताया कि इस कदम से धार्मिक अनुष्ठान बाधित हो रहे है। मंदिर में ताला लगाने की बात की गई है। श्रद्धालुओं को केवल बाहर से दर्शन होंगे। पूजारी भी अंदर नहीं जा सकता। महंत परिसर के मंदिरों को बंद कर दिया गया है। पुजारियों का भी परिवार है। डीडीएमए ने मंदिर खोलने का आदेश दिया था। लेकिन ऐसे में मंदिर खोलने का क्या फायदा हुआ। मंदिर के बाहर देवताओं की पूजा भी नहीं हो पा रही है। वहीं सार्वजनिक सूचना के अनुसार अगर कोई भी व्यक्ति सूचना का पालन नहीं करता है। जिसमें पुजारी भी शामिल है। उसे परिसर से हटा दिया जाएगा और नवरात्र तक उसके परिसर में आने पर रोक रहेगी।