नई दिल्ली । द्वारका इलाके में रह रहे लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। अब जल्द ही उनके क्षेत्र में 1241 बेड का सरकारी अस्पताल होगा जिसमें समान्य बीमारियों के इलाज के साथ ही, हार्ट, किडनी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज होगा। दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय में सोमवार को कहा कि 31 दिसंबर, 2021 तक द्वारका स्थित 1241 बेड का इंदिरा गांधी हॉस्पिटल पूरी तरह से ओपीडी, आईपीडी और अपातकालीन सेवाएं शुरू की जाएगी।


इसके साथ ही, इस अस्पताल में जुलाई, 2022 तक हार्ट, किडनी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 10 सुपर स्पेशिलिटी इलाज की सुविधाएं शुरू हो जाएगी। हालांकि सरकार ने कहा है यह विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता पर निर्भर होगा। जस्टिस विपिन सांघी और जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष सरकार की ओर से विशेष सचिव (स्वास्थ्य) उदित प्रकाश ने अधिवक्ता सत्यकाम ने हलफनामा दाखिल करते हुए यह जानकारी दी है।

उन्होंने पीठ को बताया कि अस्पताल में 17 जुलाई से डायलेसिस यूनिट शुरू कर दिया गया है। यह सुविधा आउटसोर्स यानी पीपीपी मॉडल के जरिए शुरू किया गया है। सरकार की ओर से अधिवक्ता सत्यकाम ने पीठ को बताया कि 31 दिसंबर, 2021 तक अस्पताल में समान्य स्पेशिलिटी के तहत ओपीडी, आईपीडी और अपातकालीन सेवाएं शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में लंबित पड़े सिविल और बिजली के काम अक्तूबर, 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही कहा कि इसी समय सीमा के भीतर सभी 1241 बेड पर आक्सीजन का कनेक्शन लगाने का काम भी पूरा हो जाएगा। सरकार ने कहा है कि सिविल, बिजली और आक्सीजन लगाने का काम पूरा होने के बाद अस्पताल अक्तूबर, 2021 से कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार हो जाएगा।

 

सरकार ने द्वारका कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के मामले में यह हलफनामा दाखिल किया है। सरकार ने 14 जुलाई को पीठ को बताया था कि चूंकि अस्पताल को कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए नामित किया गया है, ऐसे में यहां पर अभी तक सुपर स्पेशिलिटी (विशेष सुविधाओं) को शुरू करने की योजना नहीं बनाई है। सरकार ने कहा कि जब हॉस्पिटल को गैर कोरोना सुविधा घोषित किया जाएगा, तो इलाज के लिए सुपर स्पेशिलिटी सुविधा शुरू करने पर विचार किया जा सकता है। इस पर आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि इस अस्पताल को कोराना अस्पताल घोषित किए जाने से विशेष सुपर स्पेशिलिटी सुविधाओं का विकास स्थगित नहीं किया जा सकता है क्योंकि वे (मरीज) कोरोना के इलाज के लिए भर्ती होंगे तो अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भी सुविधाओं की जरूरत होगी। पीठ को बताया गया था कि द्वारका में स्थित इस अस्पताल का काम पहले फरवरी 2017 में पूरा होना था, लेकिन बिस्तर क्षमता 700 से बढ़ाकर 1241 किए जाने के बाद निर्माण का काम पूर करने का समय सीमा सितंबर 2019 कर दिया गया था।


अक्तूबर 22 तक होगी विशेषज्ञ डॉक्टरों व अन्य पदों पर नियुक्ति

दिल्ली सरकार ने पीठ को बताया कि अस्पताल में सुपर स्पेशिलिटी विशेषज्ञों, शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति में वक्त लगेगा। सरकार ने कहा कि इसके लिए पद सृजन में केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग की भूमिका है। सरकार ने कहा है कि प्रयास किया जा रहा है कि अक्तूबर, 2021 तक पदों का सृजन हो जाए। साथ ही कहा कि पद सृजित होने के बाद नियुक्तियों में कम से कम एक साल का वक्त लगता है। ऐसे अस्पताल को परी तरह से सुपर स्पेशिलिटी बनाने के लिए अक्तूबर 22 तक संघ लोक सेवा आयोग और दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड से सृजित होने वाले पदों पर नियुक्ति का आग्रह जाएगा।


नियमित नियुक्ति होने तक अनुबंध पर होगी नियुक्ति

सरकार की ओर से अधिवक्ता सत्यकाम ने पीठ को बताया कि पद सृजित होने के बाद जब तक नियमित नियुक्तियां नहीं हो जाती है, तब अनुबंध पर विशेषज्ञ डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।

इन विभागों में होगा सुपर स्पेशिलिटी का इलाज

कॉर्डियोलॉजी
नेफ्रोलॉजी डायलेसिस यूनिट के साथ
आन्कोलॉजी
यूरोलॉजी
पेडयाट्रिक सर्जरी
न्यूकलर मेडिसिन
रेडियोथैरेपी
बर्न एंड प्लास्टिक
न्यूरोलॉजी
न्यूरोसर्जरी

-आन्कोलॉजी, न्यूकलर मेडिसिन और रेडियोथैरेपी की सुपर स्पेशिलिटी इलाज इस अस्पताल में मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद पूरी तरह से शुरू किया जाएगा।