नई दिल्ली । दिल्ली कैंट के पुराना नांगल राया स्थित श्मशान घाट में 9 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला समाने आया है। आरोपियों ने बच्ची की हत्या के बाद उसके शव का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया। आरोपियों ने अंतिम संस्कार बिना माता पिता की सहमति के ही किया। परिजनों को इसका विरोध करते हुए अपने जानकारों के साथ हंगामा शुरू कर दिया।

हंगामा शुरू होने के बाद उनकी मदद के लिए सैंकड़ों लोग जमा हो गए।


मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना के बाद पहुंची दिल्ली कैंट थाना पुलिस ने परिजनों के बयान पर पुजारी सहित तीन अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, साक्ष्य को छुपाने, पॉक्सो, एसटीएससी एक्ट और 506 धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस पुजारी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि रविवार रात करीब साढ़े दस बजे पुलिस को फोन कर नौ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर शव का अंतिम संस्कार किए जाने की सूचना मिली। बताया गया कि श्मशान घाट के बाहर दो सौ से ज्यादा लोग हंगामा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची की मां से पूछताछ की।

माँ ने बताया कि पानी लेने गई थी बेटी
बच्ची की मां ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बच्ची श्मशान घाट में लगे वाटर कूलर से ठंडा पानी लेने की बात कहकर घर से गई थी। जिसके बाद वह लौट कर नहीं आई। करीब 6.30 श्मशान घाट के पंड़ित राधेश्याम ने उसे श्मशान घाट पर बुलाया। बच्ची के परिजन वहां पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनकी बच्ची की करंट लगाने से मौत हो गई है। जबकि बच्ची के होठ नीले पड़े हुए थे और उसकी कलाईयों पर जलने के निशान थे।

नहीं करने दिया पुलिस को फोन
बच्ची को देखने के बाद उसकी मां ने पुलिस को फोन करने की कोशिश की, लेकिन पुजारी ने पोस्टमार्टम में अंगों की चोरी होने की बात कहकर परिजनों को डराया और बच्ची का अंतिम संस्कार करवा दिया। परिजनों के घर पहुंचने पर यह बात इलाके में फैल गई और लोगों ने श्मशान घाट के बाहर जमा होना शुरू कर दिया।


दुष्कर्म करने का आरोप लगा
श्मशान घाट के बाहर हंगामा कर रहे लोगों ने बच्ची के साथ पंड़ित और उसके साथियों पर दुष्कर्म करने का आरो लगाया है। लोगों का कहना था कि आरोपियों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूतों को मिटाने के लिए उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। हंगामे की सूचना के बाद दिल्ली कैंट थाना पुलिस और जिला पुलिस के आलाअधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करवाया। लेकिन जब लोगों को यह पता चला कि पुलिस ने मामले में हत्या और दुष्कर्म की धारा नहीं लगाई है। तो लोगों ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया। सोमवार को पूरे दिन मौके पर हंगामा चलता रहा। स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।


केस दर्ज कर जांच शुरू की
पुलिस ने बच्ची की माँ के बयान पर दिल्ली कैंट थाना पुलिस ने मौके पर सबूतों को जमा करने के लिए फोरेंसिक टीम और क्राइम टीम को बुलाया। पुलिस ने पंड़ित और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने उस वाटर कूलर की भी जांच कर रही है, जिससे करंट लगने की बात कहीं जा रही है। उधर, मामले में दिल्ली महिला आयोग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। महिला आयोग की टीम ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें मदद का भरोसा देते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एससीएसटी आयोग के दखल के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस सूत्रो की माने तो मामले में लोगों के हंगामे के बाद दिल्ली महिला आयोग और एससीएसटी आयोग की टीम भी मौके पर पहुंची। जहां आयोग के सदस्यों से पुलिस कार्रवाई से सहमति नहीं जताई। आयोग के सदस्यों ने मामले में सामूहिक दुष्कर्म, हत्या की धारा जोड़ने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के बाद मामले में कई अन्य धाराएं जोड़ी। जबकि पहले यह मामला गैर इरादतन हत्या की धाराओं में दर्ज किया गया था।

शमशान घाट पर किया सामूहिक दुष्कर्म
लोगों की माने तो शमशान घाट के पंड़ित और उसके साथियों ने शमशान घाट के अंदर ही वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पानी लेने गई बच्ची को जबरन घाट के अंदर खींच लिया और उसके बाद आरोपियों उसे खाली पड़ी जगह पर लेकर गए। जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद किसी को पता न चले इसलिए परिजनों को बुलाकर आरोपियों ने करंट लगने की कहानी रची और मना करने के बावजूद शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

डेढ़ माह पहले भी हुआ था दुष्कर्म
यह श्मशान घाट डेढ़ माह पहले भी विवादों में आया था। इस श्मशान घाट में भारतीय सेना के दो जवानों ने दो बहनों के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने देर रात यहां घुम रही दोनों बहनों को पकड़ा और उठाकर श्मशान घाट के खाली पड़े इलाके में लेकर वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बाद से ही यहां सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे।