नई दिल्ली | राजधानी में तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लॉकडाउन लगाया गया है, लेकिन इसके बाद भी लोग नियम तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। आलम यह है कि लॉकडाउन के दौरान पिछले 15 दिनों में नियमों की अनदेखी करने वाले 6969 के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जबकि 6589 को गिरफ्तार भी किया है।

तमाम कार्रवाई के बाद भी लोगों में सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।

लोग लॉकडाउन लगने के बाद भी कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाने की शुरू हुई व्यवस्था का भी लोग पालन नहीं कर रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग नियम को ही मान रहे हैं। हालात यह है कि लॉकडाउन के दौरान भी रोजाना मासक नहीं लगाने को लेकर जो चालान काटे जा रहे हैं, उसका औसत करीब 1923 का है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों में अभी भी लापरवाही बरकरार है। 17 अप्रैल से शुरू हुए लॉकडाउन में 1 मई तक के बीच कुल 28,841 लोगों के इस मद में चालान काटे जा चुके हैं।

क्या है कार्रवाई तहत प्रावधान
इस अभियान के तहत जो लोग चालान की जद में आने के बाद भी जुर्माना जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा रही है। इसमें मास्क नहीं पहनने और सार्वजनिक स्थल पर थूकने वाले दोनों ही तरह के लोगों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। पहले पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज करती थी। लेकिन वर्तमान में चालान काटे जाने की व्यवस्था लागू की गई है।

लॉकाउन के समय के आंकड़े

मास्क नहीं पहनने पर काटे गए चालान--28,841
जब से अभियान चल रहा है तब से लेकर अबतक--5,98,567
अभियान के तहत अबतक जरूरतमंदों बांटे गए मास्क--4,41,915