नई दिल्ली | कोविड-19 के फैलाव और उपचार की तुरंत व्यवस्था ना होने के चलते अब लोग अपने स्तर पर कोरोना के इलाज की व्यवस्था करने लगे हैं। इनमें सरकारी महकमों से जुड़े काफी सारे विभाग भी हैं। बेशक इन्हें अपने महकमों की तरफ से इस तरह की पहल के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है।

लेकिन इसके लिए तमाम व्यवस्थाएं लोग आपस में मिलकर कर रहे हैं। ऐसी ही एक पहल कड़कड़डूमा स्थित न्यायिक अधिकािरयों के सरकारी आवास में की गई है। यहां एक कोविड केयर सेंटर बनाया गया है।

इस कोविड केयर सेंटर का इस्तेमाल न्यायिक अधिकारी, उनके परिवार, अदालतकर्मी व उनके परिवार कर सकते हैं। चार बिस्तरों वाले इस कोविड केयर सेंटर में डॉक्टर, नर्स से लेकर तमाम व्यवस्थाएं हैं। साथ ही ऑक्सीजन की भी यहां व्यवस्था की गई है। न्यायिक अधिकारी व अदालतकर्मियों से कहा गया है कि वह अपने या परिवार के किसी सदस्य में अगर कोरोना के हल्के अथवा अन्य लक्षण देंखे तो अपने आप को तुरंत इस कोविड केयर सेंटर में भर्ती करा सकते हैं। पूर्वी दिल्ली जिले के लिए बने इस कोविड केयर सेंटर में भर्ती होने के लिए न्यायिक अधिकारी अथवा कर्मचारी को अपना पहचानपत्र जिले के नोडल अधिकारी को दिखाना होगा।

साथ ही कहा गया है कि किसी भी कोरोना मरीज को भर्ती करने से पहले कोविड सेंटर में मौजूद डॉक्टर उसके चिकित्सा संबंधी दस्तावेजों का निरीक्षण करेंगे। उसके हिसाब से ही वह आगे के उपचार की सलाह या निर्देश देंगे। इस पूरी प्रक्रिया में नोडल अधिकारी पीड़ित न्यायिक अधिकारी व कर्मचारी की मदद करेंगे। ज्ञात रहे कि इसी तरह का एक सेंटर दिल्ली न्यायिक अकादमी के सरकारी आवास में द्वारका सेक्टर 14 में बनाया गया है। दस बिस्तर वाले इस कोविड केयर सेंटर में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर व अन्य स्टाॅफ अपनी सेवा दे रहा है। यहां भी ऑक्सीजन से लेकर तमाम सुविधाएं मौजूद हैं।