नई दिल्ली | दिल्ली में 18-44 साल की उम्र वाले युवाओं के टीका का पहला दिन हाउसफुल रहा। दिल्ली में पहले दिन 76 कोविड टीकाकरण केंद्र बनाया गया था जहां बने 301 वैक्सीनेशन बूथ बनाया गया था। प्रत्येक बूथ पर कुल 45000 लोगों के टीके की व्यवस्था पहले दिन की गई थी।

पहले ही दिन टीके का सभी स्लॉट बुक था। कई केंद्र पर ऐसे लोग भी पहुंचे जिन्होंने वहीं से पंजीकरण कराकर अपना टीका लगवाया।

इसके अलावा कई केंद्र ऐसे थे जहां पर लोग तो समय पर पहुंच गए मगर टीकाकरण शुरू नहीं हो पाया। हालत यह हो गई थी कि दो अलग-अलग समयावधिक के लोग एक साथ वहां एकत्रित हो गए, जिससे भीड़ जैसी स्थिति बन गई। सरकार ने माना कि कुछ जगहों पर टीका और टीम देरी से पहुंची है। दूसरी ओर जब सबकुछ समय पर था, इंटरनेट की परेशानी ने लोगों को लंबा इंतजार करवाया।

सर्वर रहा डाउन तो सुबह से आएं लोगों का दोपहर में लगा टीका
दिल्ली के भोगल इलाके के सम्मान बाजार स्थित सरकारी स्कूल में सोमवार को पहले दिन समय पर टीकाकरण शुरू नहीं हो सका। इस टीकाकरण केंद्र पर सुबह 10 बजे टीकाकरण शुरू होना था, लेकिन भोगल में यह डेढ़ घण्टे देरी से शुरू हुआ। यहां तब तक टीकाकरण के लिए आये लोगों की लंबी लाइन लग गयी। टीकाकरण कराने आयी दक्षिणी दिल्ली निवासी भद्रा सिंहा ने बताया कि टीकाकरण देर से शुरू होने से हमें काफी देर तक खड़े रहना पड़ा। 10 से 12 बजे तक जिन लोगों को टीका लगना था वह एक बजे तक चला। इस दौरान जिन लोगों को 12 बजे से 2 बजे तक का स्लॉट मिलना था वे भी आ गए। वहीं काफी भीड़ हो गई लोगों को लंबा इंतजार भी करना पड़ा। टीकाकरण केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि सर्वर डाउन होने की वजह से टीकाकरण देरी से शुरू का। वहां आएं लोगों ने बताया कि टीका लगवाने वाले अधिकतर लोगों ने रविवार रात को ही अपना स्लॉट बुक करवाया था।

भटकने के बाद मिला कोविड टीकाकरण केंद्र
कोरोना की वैक्सीन लगवाने टीकाकरण केंद्र पहुंचे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। यादव नगर समयपुर से 7 किलो मीटर दूर वैक्सीन लगवाने पहुंचे हितेश शर्मा और उनकी पत्नी शशि हितेश शर्मा को वैक्सीन सेंटर पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा समय लग गया। कारण उन्हें ऐप पर कोविड टीकाकरण केंद्र के लोकेशन नहीं दिखा रहा था। हितेश बताते हैं कि पोर्टल में सही जानकारी ना होने से यह दिक्कत आई। उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह 10 बजे से परेशान था कि वैक्सीन कहा लगेगी क्योंकि स्कूल की पूरी जानकारी नही थी। घर से निकल के 3 स्कूलों में गया और वहां कोई केंद्र ही नहीं था। 11 बजे तक दोस्तों से जानकारी हासिल की तब पता तला कि शाहबाद दौलतपुर के सरकारी स्कूल में लग रही है। वहां 20 मिनट के इंतजार के बाद वैक्सीन लगी। उन्होंने बताया कि वैक्सीन लगने को लेकर अपॉइंटमेंट के समय कोई सही जानकारी नही है। आरोग्य सेतु पर पिन कोड डालने से स्कूल व हेल्थकेयर सेंटर की लिस्ट आती है और कोविन ऐप पर पिन कोड डालने से कुछ ही स्कूल आते हैं। लिस्ट में स्कूल के नाम है परंतु स्थान व क्षेत्र की जानकारी नहीं है।