नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ गई है। ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले व्यापारियों की माने तो वर्तमान में दिल्ली में 350-400 टन तक ऑक्सीजन की मांग रोजाना है।

यह आम दिनों की तुलना में पांच गुना अधिक है। आम दिन में 80-100 टन तक ही ऑक्सीजन की मांग होती है। बताया जा रहा है कि अस्पतालों में कोविड मरीजों की संख्या के चलते यह मांग बढ़ी है।

ऑक्सीजन ट्रेडर्स एसोसिएशन के नरेश गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। कारण ऑक्सीजन के ज्यादातर प्लांट दिल्ली से सटे हुए इलाके सोनीपत, मोदी नगर में है। जिससे यहां आपूर्ति प्रभावित नहीं होती है। मगर दिल्ली में ऑक्सीजन की मांग पांच गुना तक बढ़ गई है। वर्तमान में रोजाना 400 टन तक ऑक्सीजन की मांग है। कीमतों पर उन्होंने कहा कि यह नहीं बढ़ सकती क्योंकि सरकार ने इसपर 15.46 रूपये प्रति क्यूबिक मीटर का कैप लगा रखा है।

केमिस्ट एसोसिएशन के कैलाश गुप्ता ने बताया कि अस्पतालों के अलावा निजी छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर, वैपोराइजर की मांग भी बढी है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन कंसनट्रेटर की मांग बढ़ी है। उसका असर यह है कि इनकी कीमतों में 20-25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। ऑक्सीजन कंसट्रेटर 45 हजार रूपये तक बाजार में उपलब्ध है।