नई दिल्ली | दिल्ली के अस्पतालों में आईसीयू और वेंटिलेटर बेड की भारी कमी है। इस वजह से गंभीर रूप से बीमार कोरोना के कई मरीजों को भटकना पड़ रहा है। हालत यह हैं कि दिल्ली के 69 अस्पतालों में वेंटिलेटर और 77 अस्पतालों में आईसीयू बेड भर चुके हैं।

जीटीबी, लोकनायक, बुराड़ी अस्पताल, सर गंगाराम, फोर्टिस शालीमार बाग, अपोलो जैसे अस्पतालों में सभी आईसीयू बेड भर चुके हैं। सफदरजंग, एम्स झज्जर, गंगाराम, होली फेमिली, मैक्स पटपड़गंज जैसे अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध सभी वेंटिलेटर बेड भर चुके हैं।

दिल्ली सरकार की एप दिल्ली कोरोना के मुताबिक, कोरोना के मरीजों के लिए उपलब्ध कुल 2214 आईसीयू बेड में से 1943 यानी 87 फीसदी आईसीयू बेड भर चुके हैं। इसके अलावा कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध 86 फीसदी वेंटिलेटर बेड भर चुके हैं। कुल उपलब्ध 1182 वेंटिलेटर बेड में से 1027 बेड पूरी तरह भर चुके हैं। सिर्फ 155 वेंटिलेटर बेड खाली हैं। ये आंकड़े सरकारी हैं लेकिन इसके उलट जब मरीज खाली बेड वाले अस्पतालों में इलाज के लिए जाते हैं, तो उन्हें आईसीयू और वेंटिलेटर बेड मिलने में काफी दिक्कत आती है। इन अस्पतालों के कोविड इमरजेंसी नंबर पर भी लगातार कॉल करने के बाद कोई फोन नहीं उठा रहा है।

लोकनायक के बाहर मरीजों का इंतजार
दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल के बाहर बुधवार दोपहर को कोरोना के मरीजों की लंबी कतार लगी रही। कुछ मरीजों को तो एंबुलेंस में लगभग 30 मिनट तक इंतजार करने के बाद इमरजेंसी में भर्ती किया गया। यहां आए अधिकतर मरीज ऐसे थे जो दूसरे अस्पतालों से रेफर होकर आए थे। सेंट स्टीफंस मेडिकल कॉलेज से आए एक मरीज को आधा घंटे तक एंबुलेंस में रखने के बाद उसे इमरजेंसी में ले जाया गया। वहां खड़े अधिकतर मरीजों के परिजनों का कहना था कि इमरजेंसी के बाद कोरोना वार्ड तक मरीजों को ले जाने में काफी समय लग रहा था।

रात में घंटों तक अस्पताल के बाहर रहा मरीज
सोशल मीडिया साइटों पर भी बड़ी संख्या में लोग बेड न मिलने की शिकायत कर रहे हैं। सौम्या लखानी ने मंगलवार देर ट्वीट किया कि उनका एक परिचित मरीज काकी देर से सर गंगाराम अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में भर्ती है। उसे अस्पताल में बेड नहीं मिल पा रहा। गंभीर रूप से बीमार इस मरीज को रेमडीसीवीर इंजेक्शन की भी सख्त जरूरत है। क्या कोई मदद कर सकता है। हालांकि सुबह एक दूसरे अस्पताल में मरीज को भर्ती कर लिया गया।