नई दिल्ली | कथित तौर पर 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला से जुड़े धनशोधन के मामले में अदालत ने सोमवार को कारोबारी अनूप कुमार गुप्ता को जमानत दे दी।

राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने इस बात पर गौर करते हुए आरोपी को राहत दे दी कि जांच पूरी होने में समय लगेगा और वह 29 जनवरी 2021 से हिरासत में हैं। अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले के कई और आरोपी भी जमानत पर बाहर हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपों के मुताबिक आरोपी कारोबारी अनूप कुमार गुप्ता ने धनशोधन का अपराध किया। ईडी के अनुसार इस घोटाले में 2 करोड़ 46 लाख 24 हजार 298 लाख डॉलर की राशि को इधर से उधर किया गया। इस रकम को रिश्वत के तौर पर संबंधित लोगों तक पहुंचाने में आरोपी की अहम भूमिका थी। ईडी की तरफ से अदालत में यह भी कहा गया कि यह एक बहुत बड़ा घोटाला है। इसमें अभी जांच जारी है। जांच पूरी होने में समय लगेगा। आरोपी को जमानत पर छोड़े जाने से जांच प्रभावित हो सकती है। परंतु अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी मान रही है कि जांच लम्बी चलेगी। ऐसे मेंं कारोबारी को जेल की सलाखों के पीछे रखने से कोई मकसद पूरा नही होता है। हालांकि अदालत ने आरोपी कारोबारी पर जमानत के लिए कई शर्त रखी हैं।

अदालत ने आरोपी कारोबारी को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके एवं इतने ही रुपये मूल्य के दो जमानती के आधार पर जमानत दी है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी कारोबारी पर यह शर्त लगाइ्र है कि वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा। गवाहों से संपर्क करने या उन्हें प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा। अदालत ने आरोपी को निर्देश दिया कि जांच अधिकारी जब भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाएं तो उसे शामिल होना पड़ेगा। इतना ही नहीं आरोपी कारोबारी अदालत की अनुमति के बगैर भारत नहीं छोड़ेगा।